अक्षांश 29.94°, देशांतर 73.84°
पंचांग हिंदू कैलेंडर है जो दिन को पाँच अंगों — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — से मापता है और उन्हीं से शुभ-अशुभ समय निकाले जाते हैं। यह पृष्ठ प्रतिदिन 3 b के लिए ये गणनाएँ करता है।
आज (१६ जून २०२६) 3 b में तिथि शुक्ल पक्ष द्वितीया है, 12:55 AM IST तक।
आज 3 b में राहु काल 4:06 PM – 5:51 PM IST है। यह 3 b के अपने सूर्योदय-सूर्यास्त के दिनमान का आठवाँ भाग है, इसलिए भारत में भी शहर-दर-शहर थोड़ा बदलता है।
अभिजित मुहूर्त — दिन की सबसे भरोसेमंद शुभ अवधि — आज 3 b में 12:07 PM – 1:03 PM IST है। लंबे कार्यों के लिए शुभ चौघड़िया भी देखें।
सूर्योदय-आधारित अवधियाँ — राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, चौघड़िया — स्थानीय दिनमान के भाग हैं, और 3 b का सूर्योदय अन्य शहरों से अलग है। इसीलिए यह पृष्ठ 3 b के अपने निर्देशांकों के लिए गणना किया गया है।
पंचांग हिंदू कैलेंडर है जो दिन को पाँच अंगों — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — से मापता है। यह पृष्ठ 16 June 2026 के लिए 3 b का पूरा पंचांग दिखाता है। सभी समय 3 b के अपने आकाश के लिए गणना किए गए हैं।
3 b (29.94°N, 73.84°E, Asia/Kolkata) का सूर्योदय-सूर्यास्त भारत से अलग है, इसलिए राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त की घड़ी का समय भी अलग होता है। समय-अंतर के कारण तिथि तक बदल सकती है — इसीलिए शहर-विशेष गणना ज़रूरी है।
गणनाएँ स्विस एफेमेरिस और लाहिरी अयनांश (राष्ट्रीय पंचांग का मानक) पर आधारित हैं। तिथि-नक्षत्र परिवर्तन के क्षण Asia/Kolkata समय में बदले जाते हैं और सूर्योदय-आधारित अवधियाँ 3 b के वास्तविक दिनमान से निकाली जाती हैं।
3 b में पूजा, गृह प्रवेश, वाहन ख़रीद या यात्रा का समय चुनने के लिए इस पृष्ठ का उपयोग करें। अभिजित मुहूर्त (12:07 PM – 1:03 PM) दिन की सबसे शुभ अवधि है। सभी समय 3 b के स्थानीय समय में हैं।
आज की तिथि Shukla Paksha Dvitiya है। तिथि वह चांद्र दिवस है जिसमें चंद्रमा सूर्य से 12° आगे बढ़ता है। समाप्ति समय 3 b के स्थानीय समय में है।
चंद्रमा Ardra नक्षत्र में है। 27 नक्षत्रों में से चंद्रमा जिस नक्षत्र में हो, वही दिन का स्वभाव तय करता है — नामकरण और मुहूर्त चयन में इसका विशेष महत्व है।
आज का योग Vriddhi है। योग सूर्य और चंद्रमा के योगफल से बनता है — कुछ योग शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं।
आज 3 b में सूर्योदय 5:33 AM और सूर्यास्त 7:37 PM पर है। हिंदू दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू होता है — राहु काल और चौघड़िया इन्हीं दो क्षणों के बीच के दिनमान के बराबर भाग हैं।